राजसमंद

राजसमंद में आमेट पुलिस ने पकड़ा केबल चोर और खरीदार

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बाबूलाल भील गिरोह सहित 30.820 किलो जला हुआ तांबा बरामद

राजसमंद। आमेट थाना पुलिस ने चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए चोर और चोरी का माल खरीदने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने राज श्री मार्बल फैक्ट्री, कोटड़ी जोगीमगरा से केबल चोरी की थी।


घटना और चोरी का विवरण

आमेट थाना इंचार्ज ओम सिंह के अनुसार, 15 सितंबर की रात अज्ञात चोरों ने फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में केबल चोरी कर ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक और वृत्ताधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में टीम गठित की गई और जांच शुरू की गई।


आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी

जांच में खुलासा हुआ कि पहले से गिरफ्तार आरोपी बाबूलाल भील ने अपने साथी मदनलाल उर्फ मुनीम, चेनीराम और किशन के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

  • 21 सितंबर को पुलिस ने आरोपी चेनीराम (25) पुत्र हुकमा भील, निवासी बनाई, थाना कुंवारिया को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया।
  • इसके अलावा चोरी का माल खरीदने वाले भैरूलाल (36) पुत्र नाथूलाल भील, निवासी डिप्टी खेड़ा काड़ा, थाना राजनगर को भी गिरफ्तार किया गया।

चोरी की पद्धति और माल की बरामदगी

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दिनभर मार्बल फैक्ट्रियों और माइंस की रेकी करते थे और रात में मोटरसाइकिल से पहुंचकर केबल काट लेते थे। इसके बाद सुनसान जगह पर केबल जलाकर तांबा निकालते और बेच देते थे।

इस कार्रवाई में पुलिस ने 30.820 किलो जला हुआ तांबा बरामद किया।


आरोपियों का प्रोफ़ाइल

पुलिस ने बताया कि आरोपियों में अधिकांश नशे के आदी हैं और चोरी को शौक-मौज के तौर पर अंजाम देते थे। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से न केवल फैक्ट्रियों को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा को लेकर भय भी फैलता है।


अधिकारी का बयान

आमेट थाना इंचार्ज ओम सिंह ने बताया:

“हमारी सतर्कता और जांच की रणनीति के कारण चोरी के इस गिरोह का पर्दाफाश संभव हुआ। चोरी का माल और आरोपी दोनों बरामद किए गए हैं। ऐसे मामलों में पुलिस लगातार कार्रवाई करती रहेगी और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।”


निष्कर्ष

राजसमंद पुलिस की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि सतर्क और संगठित पुलिसिंग के जरिए चोरी और अवैध व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। इसके साथ ही यह गिरोह और उसके माल खरीदने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश भी है कि अपराध बिना सजा के नहीं रहेगा।