चित्तौड़गढ़

हनुमान बेनीवाल कूच की आशंका पर चित्तौड़गढ़ में पुलिस अलर्ट:राजसमंद-उदयपुर पुलिस बल भी पहुंचा चित्तौड़गढ़,

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चित्तौड़गढ़ में रविवार को राजनीतिक हलचल और संभावित तनाव की आशंका के बीच जिला पुलिस प्रशासन ने पूरे शहर को सुरक्षा कवच में ले लिया। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के जिला मुख्यालय की ओर कूच की संभावना ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर डाल दिया। हालात को नियंत्रण में रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल, वज्र वाहन और वाटर कैनन तैनात किए गए।

सूरज माली प्रकरण से उपजा विवाद

यह पूरा घटनाक्रम सूरज माली प्रकरण से जुड़ा हुआ है। चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन क्षेत्र के राजेश्वर तालाब में पानी की मांग को लेकर सक्रिय युवक सूरज माली पर कुछ दिनों पहले जानलेवा हमला हुआ था। गंभीर रूप से घायल सूरज का इस समय अहमदाबाद में इलाज चल रहा है।

हमले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर पर आरोप लगे। मामले में न्याय की मांग करते हुए लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर हनुमान बेनीवाल कपासन में मौजूद थे और प्रशासन से बातचीत कर रहे थे, लेकिन ठोस समाधान न निकलने पर उन्होंने जिला मुख्यालय की ओर रुख करने के संकेत दिए। इसके बाद चित्तौड़गढ़ में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

पुलिस की बड़ी तैयारी

जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने रविवार शाम सभी अधिकारियों और जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आपातकालीन हालात आने पर पुलिस को पूरी तरह सतर्क रहना होगा और सख्ती के साथ हालात पर काबू पाना होगा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने चित्तौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर और भीलवाड़ा से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया। कुल मिलाकर 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी कलेक्ट्रेट परिसर और शहर के मुख्य मार्गों पर तैनात किए गए।

इसके अलावा, 2 वज्र वाहन और एक वाटर कैनन मौके पर रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाएगा।

कलेक्ट्रेट को बनाया सुरक्षा घेरा

चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास का इलाका सुरक्षा की दृष्टि से सबसे संवेदनशील माना गया। यहां बैरिकेड्स लगाकर मेन गेट बंद कर दिया गया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर सभी मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी।

सुबह से ही भारी पुलिस बल की मौजूदगी स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय रही। लोग बार-बार कलेक्ट्रेट के आसपास पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों को देखते रहे।

प्रशासन की अपील और सख्त निर्देश

जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि जिले की शांति और सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को ब्रीफिंग देते हुए कहा—

  • भीड़ को संयम और समझाइश से संभालें।
  • अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही फैलने दें।
  • जरूरत पड़ने पर सख्ती से कार्रवाई करें।

इसके साथ ही उन्होंने आमजन से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की।

राजनीतिक हलचल और जनमानस की प्रतिक्रिया

हनुमान बेनीवाल के संभावित कूच की खबर ने चित्तौड़गढ़ में राजनीतिक माहौल गरमा दिया। स्थानीय लोगों में उत्सुकता बनी रही कि सांसद जिला मुख्यालय पर पहुंचते हैं या नहीं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की सक्रियता के चलते दिनभर शहर का माहौल शांत बना रहा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल एक हमले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय राजनीति और सत्ता संघर्ष की झलक भी दिखाई देती है। हनुमान बेनीवाल का इस मुद्दे पर मुखर होना आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति पर असर डाल सकता है।

निष्कर्ष

चित्तौड़गढ़ में रविवार को संभावित तनाव के बीच प्रशासन ने यह साबित किया कि समय रहते उठाए गए कदम किसी भी बड़ी गड़बड़ी को रोक सकते हैं। सूरज माली प्रकरण को लेकर उठे जनआक्रोश और हनुमान बेनीवाल के रुख ने हालात को संवेदनशील बना दिया था, लेकिन 500 से अधिक जवानों की तैनाती और आधुनिक संसाधनों की तैयारी ने माहौल शांत रखा।

फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में इस प्रकरण की राजनीतिक और सामाजिक गूंज चित्तौड़गढ़ समेत पूरे राजस्थान की राजनीति में सुनाई देती रहेगी।