रतलाम के अर्जुन नगर में रविवार शाम को नवरात्रि के उत्सव के बीच बड़ा हादसा हो गया। गरबा पंडाल के स्वागत गेट पर करंट लगने से 5 वर्षीय मासूम हसन पिता अजहर शाह की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। बेसुध हालत में हसन को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर फैलते ही परिवारजन और समाज के लोग अस्पताल में बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। भीड़ और गुस्से को देखते हुए पुलिस को मौके पर तैनात करना पड़ा। परिजनों ने आयोजन समिति पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हादसे का घटनाक्रम
ओंकारेश्वर महादेव मंदिर परिसर में नवरात्रि के अवसर पर प्रतिदिन गरबा रास का आयोजन किया जा रहा था। मंदिर से लगभग 100 मीटर दूर गली के मुख्य गेट पर स्वागत द्वार बनाया गया था। इस गेट को लोहे के पाइप से खड़ा किया गया और सजावट के लिए बल्ब और कपड़ा लगाया गया था।
रविवार शाम करीब 7:30 बजे हसन खेलते-खेलते इस गेट के पास पहुंच गया। अचानक गेट के पाइप में करंट आ गया और बच्चा उसकी चपेट में आ गया। करंट लगने से वह मौके पर ही गिर पड़ा। चश्मदीद निर्मला वर्मा ने बच्चे को गिरते देखा और शोर मचाया। इसके बाद लोग दौड़कर आए और तुरंत उसे अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार की पृष्ठभूमि और शोक
हसन अपने घर से महज 50 मीटर दूर खेल रहा था। उसके परिवार में पिता अजहर शाह, मां सलमा और बड़ी बहन इनायता (8 साल) हैं। पिता शहर के छत्री पुल स्थित एक होटल में खाना बनाने का काम करते हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही वे होटल से भागकर अस्पताल पहुंचे। बेटे की मौत की खबर सुनते ही वे फूट-फूटकर रो पड़े। अस्पताल चौकी में बैठे पिता की हालत देखकर वहां मौजूद हर कोई भावुक हो उठा।
समाज और परिजनों का आक्रोश
हादसे के बाद रात में मृतक के घर और अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। समाजजन और परिजन आयोजन समिति पर कार्रवाई की मांग करने लगे। आरोप लगाया गया कि आयोजकों ने बिजली कनेक्शन अवैध रूप से लिया था और सुरक्षा इंतज़ाम बिल्कुल नहीं किए गए थे।
अस्पताल में पहुंचे एआईएमआईएम पार्टी से जुड़े एजाज खान और समाजसेवी जुबेर खां ने भी परिजनों का साथ देते हुए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि त्योहार की खुशियां मनाने के नाम पर लोगों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की जानकारी मिलते ही सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने मृतक के घर और अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया। पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति लेने वाले व्यक्ति को थाने बुलाया और पूछताछ शुरू कर दी।
हादसे का कारण
प्राथमिक जांच में सामने आया कि स्वागत गेट पर लगाए गए लोहे के पाइप में संभवतः बिजली का तार खुला रह गया था। इसी कारण गेट पूरी तरह करंट प्रवाहित कर रहा था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध बिजली कनेक्शन की वजह से यह दुखद हादसा हुआ।

निष्कर्ष
रतलाम का यह हादसा त्योहारों में सुरक्षा इंतज़ामों की कमी को उजागर करता है। नवरात्रि जैसे बड़े आयोजनों में जहां हजारों लोग इकट्ठा होते हैं, वहां विद्युत सुरक्षा और तकनीकी निरीक्षण की जिम्मेदारी आयोजकों और प्रशासन दोनों की होती है। मासूम हसन की मौत ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। अब सवाल यह है कि क्या इस त्रासदी से सबक लेकर भविष्य में ऐसे आयोजनों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाएगा।



