राजसमंद जिले के देवगढ़ कस्बे में शुक्रवार रात दशहरे के मौके पर आयोजित मेले में अचानक दो गुटों के बीच हुआ विवाद हिंसक रूप ले गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मारपीट के बाद चाकूबाजी तक नौबत पहुंची। इस हमले में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे कस्बे में सनसनी फैल गई और गुस्साए लोग बड़ी संख्या में देवगढ़ थाने के बाहर जमा होकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस ने हालात को संभालते हुए कार्रवाई का भरोसा दिलाया और भीड़ को शांत कराया।
मेले में कहासुनी से शुरू हुआ विवाद
श्री करणी माता सांस्कृतिक एवं दशहरे मेला ग्राउंड में रात करीब 10.30 से 11 बजे के बीच दो गुटों के बीच कहासुनी शुरू हुई। गहमागहमी कुछ ही मिनटों में झगड़े में बदल गई। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़े कि दोनों ओर से चाकूबाजी होने लगी। इस दौरान चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
उदयपुर रेफर और युवक की मौत
घायलों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें गंभीर हालत में उदयपुर एमबी अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान 26 वर्षीय मानसिंह पुत्र किशन सिंह रावत निवासी छोटी स्वादड़ी ने दम तोड़ दिया।
बाकी घायलों में महेंद्र सिंह (20) पुत्र गोविंद सिंह रावत निवासी छोटी स्वादड़ी, गणपत सिंह रावत निवासी छोटी स्वादड़ी और रेवंत सिंह पुत्र धन्ना सिंह निवासी टेगी (जीरण पंचायत) शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है।
पुरानी रंजिश की ओर इशारा
थाना इंचार्ज संगीता बंजारा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि दोनों पक्ष मेले में घूमने आए थे और पुरानी रंजिश के चलते विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी हैं और कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
थाने के बाहर उमड़ा आक्रोश
युवक की मौत की खबर लगते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण रात में ही थाने के बाहर जमा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया और ग्रामीणों को समझाइश दी गई। देर रात पुलिस अधिकारियों ने लोगों को आरोपियों को जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया, तब जाकर स्थिति सामान्य हुई।
कस्बे में तनाव का माहौल
इस घटना के बाद से देवगढ़ कस्बे में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों में गुस्सा है और लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर है।

निष्कर्ष
दशहरे के मौके पर मेले में हुआ यह खूनी विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि त्योहारों और मेलों जैसे भीड़भाड़ वाले आयोजनों में सुरक्षा इंतजाम कितने मजबूत हैं। देवगढ़ पुलिस ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है, लेकिन मृतक के परिजनों और ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव है। यह घटना त्योहार की खुशियों को मातम में बदल गई और अब पूरा क्षेत्र न्याय और कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहा है।




